Tuesday, February 01, 2011
धार्मिक डिस्को
एक बार Art of Living के किसी केंद्र के कुछ वीडियो देखे जहां लोग भजनों पर झूम रहे थे। मेरा साला Art of Living का fan है, वहां जाता रहता है। मुझे भी कई लोगों ने Art of Living का course करने की प्रेरणा दी पर मेरी कभी इसमें घुसने की इच्छा नहीं हुई। पर जब मैंने यह वीडियो देखा तो सोचा कि दरअसल हमारे बड़ों को स्वतंत्रता से नाचने झूमने का मौका नहीं मिलता। इसकी कमी वे यहां आकर पूरी करते हैं। यहां खासकर जर्मनी में मेरे ख्याल से डिस्को जीवन का एक अभिन्न अंग है, जहां युवा लोग नाचने झूमने के लिए जाते हैं। ज़ाहिर है कि वहां और भी बहुत कुछ होता है, पर इसकी शुरआत कुछ ऐसी ही ज़रूरत पूरी करने के लिए हुई होगी। इसके उलट घरों में शांति रखी जाती है। पर हमारे समाज ने डिस्को को अपनाया पर कुछ हद तक विकृत रूप में। इसे समाज में उपयुक्त स्थान न देकर आवारों लोगों के लिए reserve कर दिया। घरेलू औरतें अभी भी चूल्हें चौंके में busy हैं। इन्हीं चीज़ों का फायदा उठाकर हमारे यहां Art of Living या और ऐसे कई पंडित अपनी जगह बना रहे हैं।
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