Saturday, November 10, 2007

भू माफ़िया

आपने खोसला का घोंसला फ़िल्म तो देखी होगी, देखा होगा कैसे पैसे और ज़ोर से लोगों के जीवन भर की कमाई से खरीदे हुए प्लॉट जब्त कर लिए जाते हैं। ये भू माफ़िया भारत में, यहाँ तक उत्तर भारत में भी अब काफ़ी सक्रिय हो गया है। जब भी HUDA (Haryana Urban Development Authority), PUDA वगैरह के प्लाटों की लॉटरी निकलती है तो जीतने वालों के घर फ़ोन आने शुरू हो जाते हैं, कि भईया इतना ले लो और प्लॉट हमें दे दो वर्ना बाद में इतना भी नहीं मिलेगा और प्लॉट भी हाथ से जाएगा। अगर किसी को लाटरी में प्लॉट दस लाख का मिला और उसकी कीमत बाज़ार में तीस पैंतीस लाख है तो उसे पन्द्रह बीस लाख का आफ़र दे दिया जाता है, और उसे प्लॉट छोड़ना ही पड़ता है भले ही वो प्लॉट न बेचना चाहता हो।

2 comments:

rajivtaneja said...

ये सब हो रहा है क्योंकि...
"हिन्दी हैँ हम...वतन है हिन्दोस्ताँ हमारा"...

डरना हमारे खून में है और ये माफिया हमारी रग-रग से वाकिफ है...
बिकाझ...

"द होल थिंग इज़ दैट के भैय्या सबसे बडा रुपैय्या"

Suresh Chiplunkar said...

भी-माफ़िया, प्रशासन और पुलिस सबकी आपस में मिलीभगत होती है, आम आदमी अपनी गाढ़े खून पसीने की कमाई उसमें लगाकर लुट जाता है, कर व्यक्ति को चाहिये होता है एक घर, लेकिन निवेश करने के चक्कर में व्यक्ति दो-चार मकान-प्लाट खरीदकर रख लेता है और फ़िर पछताता है, वैसे भी सयाने कह गये हैं कि "मूर्ख मकान बनाते हैं और समझदार उसमें किराये से रहते हैं".. :)