Wednesday, November 28, 2007

अभिनय अभ्यास-7--ज़िप ज़ैप ज़ॉप

स्तर्क होने के लिये पहला अभ्यास तो आपने पढ़ा ही होगा। अब उसी खेल को एक एक करके और मुश्किल करेंगे। पहले अभ्यास में घेरे में खड़े लोग दूसरे को ताली बजाकर और आँखों में देखकर इशारा देते थे, अब ताली की बजाए एक हाथ से इशारा करेंगे और साथ में बोलेंगे 'ज़िप'। यानि आपको दूसरे की आँखों में देखना है, हाथ से इशारा करना है और बोलना है 'ज़िप'। ऐसे खेल आगे बढ़ता जायेगा।

अब आईये खेल को थोड़ा और मुश्किल करते हैं। अब 'ज़िप' की बजाय तीन शब्द लेते हैं, ज़िप, ज़ैप, ज़ॉप। यानि पहला बोलेगा 'ज़िप', दूसरा 'ज़ैप', तीसरा 'ज़ॉप', चौथा फिर से 'ज़िप'। ऐसे लूप में तीनों शब्दों को बोलना है। थोड़ी देर इसका अभ्यास कीजिये, लूप टूटने न पाये।

अब आईये नियम थोड़े और कठिन करते हैं। जो कोई भी गल्ती करेगा, वो घेरे से बाहर जायेगा। गल्ती बोले तो जैसे, 'ज़िप' शब्द के बाद फिर 'ज़िप' बोल दिया, या आँखें किसी की तरफ़ और हाथ किसी और की तरफ़, या फिर ज़िप, ज़ैप, ज़ॉप की बजाए ज़िओप बोल दिया (ऐसा होता है क्योंकि खेल की गति इतनी बढ़ जाती है कि कई बार ध्यान नहीं रहता कि क्या सुना और क्या बोलना है।) थोड़ी देर ऐसे अभ्यास करें।

अब आईये खेल को थोड़ा और मुश्किल करते हैं। जो घेरे के बाहर चला गया, वो आगे खेल रहे लोगों का ध्यान बँटाने की, गल्ती करवाने की कोशिश कर सकता है। जैसे घेरे के बाहर घूम घूम कर लोगों के कानों के पास 'ज़िप' 'ज़ैप' ज़ॉप आदि बोलते रहना ताकि लोग कन्फुजिया जायें, या फिर किसी की तरफ़ देख कर ऊट पटांग हरकतें करने लगना, या फिर और कुछ कहना। लेकिन आवाज़ इतनी उँची नहीं हो कि खेल रहे लोग अपने साथियों की आवाज़ ही न सुन सकें। और इतनी पास भी न आयें कि शरीर छूने लगे, यानि हाथ नी लगाने का। घेरे के अंदर बी नी आने का। अगर खेल में लड़कियां और लड़के दोनों हैं तो ध्यान बँटाने का बढ़िया तरीका है फ़लर्ट करना, जैसे कान के पास आकर शर्मा कर धीरे से कहना, आज कहीं घूमने चलें? इसमें खेल रहे लोग जम कर पॉलिटिक्स भी खेल सकते हैं जैसे दो तीन लोगों का समूह बना लेना और बस उसी में ज़िप ज़ैप ज़ॉप करते रहना, या फिर किसी को बार बार ईशारा देकर जानबूझ कर बहुत तंग करना आदि। यानि जितनी राजनीति आप ब्लागिंग में करते हैं उससे अधिक यहाँ करें। याद रखे; आखिरी क्षणों में खेल की गति बहुत बढ़ जाती है, बाहर डिस्टर्ब करने वाले लोग बहुत बढ़ जाते हैं, और बहुत अधिक एकाग्रता की ज़रूरत होती है।

आखिर में जो बच गया, वो विजेता।

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