Sunday, October 30, 2005

लकीरों में झन्डे

दोस्तो, आईए हल्की सी नज़र डालें लिखे हुए संगीत पर। इस तरह से लिखे हुए संगीत को स्टाफ़ नोटेशन (staff notation) कहते है। इस स्टाफ़ नोटेशन में संगीत के सारे अंश दर्शाए जाते हैं जैसे ताल, राग (स्केल), टेम्पो, ऊंचाई इत्यादी। नीचे दी गई तस्वीर में पियानो के लिए लिखा गया संगीत दर्शाया गया है। इसमें दो स्टाफ़ (ट्रैक) हैं। ऊपर वाला दाएं हाथ से बजाने के लिए तथा नीचे वाला बाएं हाथ से। हरेक स्टाफ़ में पांच क्षैतिज रेखाएं होती हैं। ये रेखाएं स्वरों को दर्शाती हैं जैसे सा, रे, गा, मा आदि। स्वर ऊपर की ओर बढ़ते हैं। मतलब अगर एक रेखा 'सा' को दर्शाती है तो उससे ऊपर वाली रेखा 'गा' को दर्शाएगी, तथा इन दोनों रेखाओं के बीच का स्थान 'रे' को। ये रेखाएं सिर्फ़ शुद्ध स्वरों यानि सात स्वरों को दर्शाती हैं। बाकी के पांच स्वर कैसे दर्शाए जाते हैं, इसकी चर्चा अगले भाग में करेंगे।


स्टाफ़ के बिल्कुल आरंभ में दिए गए चिन्ह से पता चलता है कि कौन सी लकीर कौन से स्वर को दर्शाती है। यह चिन्ह क्लैफ़ (clef) कहलाता है। ये चार प्रकार के होते हैं बेस, बैरीटोन, आल्टो, ट्रैबल। ऊपर वाले चित्र में 'बेस' तथा 'ट्रैबल' क्लैफ़ दिखाए गये हैं। ये दो ही ज़्यातातर प्रयोग में लाए जाते हैं। पढ़ने की सुविधा तथा बीच में गाने के बोलों को स्थान देने के लिए ये दो स्टाफ़ आपस में थोड़ा दूर दिखाए जाते है। लेकिन दरअसल इनके बीच सिर्फ़ एक कल्पित रेखा और होती है। जिस को 'सा' (C) माना जाता है। ये चौथे सप्तक का 'सा' होता है। वहां से स्वर ऊपर की ओर ट्रैबल क्लैफ़ में बढ़ते हैं और नीचे की तरफ़ बेस क्लैफ़ में घटते हैं। ऊपर वाले चित्र को ध्यान से देखने से आप ये बात समझ जाएंगे।

आईए अब स्वरों की बात करें। जैसे कि आप ऊपर दिए चित्र में देख रहे हैं, स्वरों को झन्डे जैसे चिन्हों के साथ दर्शाया जाता है। इन चिन्हों के आकार बताते हैं कि इन्हें कितनी देर तक बजाना है। क्षैतिज दिशा में इनके स्थान से पता चलता है कि इन्हें कब बजाना है। गाने की ताल आरंभ में तय कर दी जाती है जैसे चार बीट या तीन बीट आदि (waltz). इनके बारे में पूरी चर्चा अगली बार करेंगे।

आप भी गाईए काराओके पर

दोस्तो, मैंने कुछ काराओके ट्रैक नेट पर डाले हैं आपके लिए। आप भी गाएं और हमें सुनाएं। अभी कुछ गाने ही अपलोड किए हैं, धीरे धीरे और करता रहूंगा। टैम टु टैम चेक करते रहिए।

Thursday, October 27, 2005

पंजाबी टूल

दोस्तो, चाहे पंजाबियों की ब्लाग जगत में उपस्थिती शून्य है, लेकिन पंजाबी लेखकों के लिए एक ऐसा छोटा सा टूल उपलब्ध है जिससे आप विभिन्न फ़ौंटों को आपस में या युनीकोड में बदल सकते हैं। मुझे नहीं लगता कि ऐस कोई टूल हिन्दी के लिए उप्लब्ध है। एक 'शुषा टू युनीकोड' नामक टूल मैंने ट्राई किया था लेकिन इसमें बहुत ग़लतियां रह जातीं हैं या फिर कभी कभी ये काम ही नहीं करता।

पंजाबी कम्प्यूटिंग रिसोर्स सेंटर पर ये टूल मुफ़्त डाउनलोड कीजिए। इसे संस्थापित करने की ज़रूरत नहीं है। इसमें एक 'इनपुट विंडो' है और एक 'आउटपुट विंडो'। आप अपना फ़ौंट वाला टेक्सट इनपुट विंडो में चिपकाईए, मेन्यू से ज़रूरत अनुसार सिलेक्ट कीजिए जैसे 'चैत्रिक टू युनीकोड' और लीजिए आपका युनीकोड टेक्सट 'आउटपुट विंडो' में तैयार।

जर्मनी का पतझड़

पतझड़ के मौसम में देखिए पेड़ कैसे रंग बिरंगे हो जाते हैं। ये तस्वीरें मेरे घर के पास एक बड़े पार्क की हैं।




Wednesday, October 26, 2005

जर्मन सीखो

भाईयो कहीं ये ब्लागिंग का नया नया भूत तो नहीं जो जलदी उतर जाए? खैर मैं दनादन नये ब्लौग बनाए जा रहा हूं। एक और बना डाला है जर्मन भाषा सिखाने के ऊपर जैसे मैं बहुत बड़ा पंडित हूं। लेकिन फिर भी मैं कोशिश करूंगा कि इस और बाकी सभी ब्लौगों को अच्छी तरह निभाऊं। मेरी पहली पोस्ट अभी अधूरी है, भईया बहुत दम लगता है। थोड़ा आराम से पूरी करूंगा।

Tuesday, October 25, 2005

choir music

दोस्तो, आपने पश्चिम के धार्मिक संगीत में प्रचलित choir music तो देखा सुना होगा। इसमें कुछ मर्द और औरतें एक डंडा या हाथ हिलाने वाले के सामने कतार में खड़े होकर अजीबोग़रीब आवाज़ों में गाते हैं। उन्हें गाते हुए सुन कर लगता है जैसे इनका कोई मर गया हो। लेकिन कई बार ये बोरिंग धार्मिक गीत नहीं गाते बल्कि लोकगीत और अन्य गीत भी गाते हैं जो सुनने में रोचक होते हैं। इस संगीत में एक या दो ही वाद्य होते हैं। कोई ताल वाला वाद्य नहीं होता। गायकों की आवाज़ की शुद्धता और ताकत से ही इस संगीत की गुणवत्ता पहचानी जाती है।

choir

ऐसा ही संगीत सीखने का मौका मुझे जर्मनी के म्यूनिक शहर में मिला। दरअसल मैं गाना सीखने यानि अपनी आवाज़ सुरीली और दमदार बनाने के लिए किसी उचित अध्यापक या स्कूल की तलाश में था। एक म्यूज़िक स्कूल में गया तो पता चला कि वहां एक नया नया choir संगीत का कोर्स शुरू हुआ है और उसमें tenor में गाने वाले पुरषों की कमी है। मैंने अध्यापक को अपनी इच्छा व्यक्त की तो उसने मुझे अगली क्लास में आने को कहा। खैर मैं ऊंची आवाज़ में गा सकता था सो मैं उस कोर्स में शामिल हो गया।

choir संगीत में कई लोग मिलकर कोई गाना पढ़कर गाते हैं। गाने वाले लोग चार भागों में बंटे होते हैं: sopran, alt, tenor और bass। sopran में अक्सर तीखी आवाज़ वाली महिलाऐं होती हैं, alt में थोड़ी गहरी आवाज़ वाली महिलाऐं होती हैं, tenor में ऊंची आवाज़ वाले मर्द और bass में गहरी आवाज़ में गा सकने वाले मर्द होते हैं। मैं टैनोर में था। इसमें आमतौर पर और एक कन्डक्टर होता है (हमारे केस में अध्यापक) जो हाथों के इशारों से स्वर, लय और आवाज़ की ऊंचाई को नियंत्रित करता है। इन तीनों चीज़ों का पढ़कर गाते समय एक साथ ध्यान रखना और साथ में भाषा को ठीक से बोल पाना मेरे लिए तो कोई पंगा लेने से कम नहीं था।

भाषा भी ना अंग्रेज़ी न जर्मन बल्कि इटालियन वो भी धार्मिक, पुरानी सदियों की भाषा। इनकी तर्ज़ भी बहुत अजीब होती थी। ऊपर से जब चार मण्डलियां अपना अपना भाग एक साथ गा रहीं हों तो अपने ही ग्रुप के दूसरे लोगों की आवाज़ सुनाई नहीं देती। तो उनके साथ स्वर मिलाना भी मुश्किल होता है। अगर ग़लत गाता तो अध्यापक की नज़र मेरी तरफ़ चली जाती थी। हालांकि ये कोई व्यवसायी ग्रुप नहीं था। सब शौकिया ही सीखते थे। लेकिन फिर भी उन्हें अभ्यास था। खैर मैंने एक साल इसे झेला।

ये मेरे लिए बेहतरीन अनुभव था। हमने ज़्यादातर चर्च के गाने गाए। कुछ चर्चों में कान्सर्टस भी किए। एक हिन्दू होने के बावजूद मैंने ये सब सीखा, इसलिए नहीं कि मैं इसाई बनना चाहता था, बल्कि इसलिए कि इस तरह संगीत पढ़कर गाना या बजाना मैं बहुत देर से सीखना चाहता था लेकिन कोई मौका नहीं मिल रहा था। मुझे गाने का शौक तो है ही। स्कूल, कालेज में मैं हमेशा साथियों को बोर करता आया हूं।

इससे मुझे थोड़ा संगीत सर्जन के बारें में भी ज्ञान मिला, कैसे बेस, हार्मोनी और लीड एक दूसरे का साथ देते हैं। इसकी तथा पढ़कर गाने, बजाने की चर्चा भी हम जल्द करेंगे। लेकिन मैं इस क्षेत्र का अर्धशिक्षित व्यक्ति हूं। जो कुछ भी मैं लिख रहा हूं वो मेरी अपनी नज़र और भाषा में है न कि किसी किताब या गहरी शिक्षा पर अधारित।

अभी के लिए बस। मेरी हिन्दी की और अन्य ग़लतियों के बारे में क्रुपया बताएं।

Sunday, October 23, 2005

हिन्दी गीत

दोस्तो
मैं गीतों का दीवाना हूं। कुछ गानों के बोल किसी वेबसाईट पर नहीं मिलते तो खुद दोबारा लिख कर एक अलग ब्लौग बनाने की सूझी। ज़रा देखिए।

लक्षमीकांत प्यारेलाल

दोस्तो आप हिन्दी फ़िल्मी गाने तो सुनते ही होंगे। हर गाने में दो या तीन छंद होते हैं। हर छंद में दो, तीन या चार पंक्तियां होती हैं जिन्हें समान तर्ज़ से गाया जाता है।

लेकिन साठ, सत्तर और अस्सी दशक के हिन्दी फ़िल्म जगत के जाने माने युगल संगीत निर्देशक लक्षमीकांत प्यारेलाल शायद संगीत के साथ ज़्यादा प्रयोग करने के शौकीन थे। उन्होंने कई ऐसे गीत बनाए जिनके सभी छंदों की या कम से कम दूसरे छंद की तर्ज़ अलग थी।

उदाहरण के लिए याद कीजिए ये गीत
मैं तेरे प्यार में पागल (प्रेम बंधन)
तू मेरा जानू है, डिंग डांग (हीरो)
चिट्ठी आई है (नाम)
दर्द-ए-दिल, दर्द-ए-जिगर (कर्ज़)
सो गया ये जहाँ सो गया आसमाँ (तेज़ाब)। इस गाने में तो जब अल्का याज्ञ्निक की पंक्ति आती है 'कुछ मेरी सुनो, कुछ अपनी कहो' तो न केवल तर्ज़ बल्कि राग (scale) ही बदल जाता है और गाना क्या ख़ूबसूरत मोड़ लेता है।
जान-ए-मन, जान-ए-मन किसी का नाम नहीं (जान-ए-मन)
जब दर्द नहीं था सीने में (अनुरोध)
आप के अनुरोध पर, मैं ये गीत सुनाता हूँ (अनुरोध)
हम तुम, इक कमरे में बन्द हों (बाबी)

अगर गीत लेखन के संबंध में कोई साहित्य आपको पसंद हो तो क्रुपया बताएं।

ग़णित और संगीत?

कुछ साल पहले मैंने एक किताब पढ़ी थी 'how to read music'. तब मुझे पता चला कि विज्ञापणों में संगीत के नाम पर जो चार पांच लकीरों में तैरते झंडे दिखाई देते हैं, उनका क्या मतलब होता है। खैर उनकी बात तो किसी और दिन करेंगे, फिलहाल और एक काम की चीज़ जो उस किताब से पता चली वो है संगीत और ग़णित का रिश्ता। वो मैं (अपने शब्दों में) यहां बयां करने जा रहा हूं।

संगीत के स्वर एक geometric progression में होते हैं। आपको शायद ग्याह्रवीं श्रेणी से याद होगा हमने तीन तरह के progression पढ़े थे। arithmatic progression में अंतर एक होता है (b-a = c-b = d-c and so on), geometric progression में अनुपात एक होता है (b/a = c/b = d/c and so on). और ऐसा ही होता है स्वरों की बारंबारता (frequencies) में। (तीसरा 'harmonic progression' मेरे पल्ले तब भी नहीं पड़ा था। )

एक सप्तक में बारह स्वर होते हैं, सात शुद्ध और पांच अशुद्ध। लेकिन ये बारह स्वरों की बारंबरता एक ही अनुपात में होती है।
यानि c# / c = d / c# = d# / d and so on.

यहां एक बार स्वरों के नाम हिन्दी में लिखना अप्रसंगिक न होगा।

सा = c
तीव्र सा = c#
रे = d
तीव्र रे = d#
गा = e
मा = f
तीव्र मा = f#
पा = g
तीव्र पा = g#
धा = a
तीव्र धा = a#
नी = b

लेकिन यह अनुपात कितना होता है? और स्वरों की बारंबरता कितनी होती है?

पांचवें सप्तक के 'धा' स्वर की बारंबरता 440Hz होती है। अनुपात इस तरह से होता है कि हर तेहरवें स्वर (या हर सप्तक) की बारंबरता दोगुणी हो जाती है। यानि चौथे सप्तक के 'धा' स्वर की बारंबरता 220Hz होगी और छठे सप्तक के 'धा' स्वर की बारंबरता 880Hz होगी। इस हिसाब से अनुपात हुआ (2)1/12. यानि लगभग 1.05945।

कम्प्यूटर के MIDI जगत में इस्तेमाल होने वाले स्वरों की सूची देखिए।

लेकिन यह फ़ार्मूला संगीत के हिसाब से १०० प्रतिशत सही नहीं है, सिर्फ़ उसकी closest approximation है (भईया मेरी हिन्दी सुधारने में मदद करें) ताकि इसे कम्प्यूटर जगत में मानकीकृत किया जा सके। उसकी चर्चा भी फिर कभी करेंगे। फिलहाल अपुन के सीधे से टैकनिकल दिमाग में जो घुसा, वो बता दिया।

काराओके

बंधुओ, मुझे कभी कभी काराओके पर गला फ़ाड़ने का शौक चर्राता है। तो झेलिए इसके कुछ सेंपल
http://www.rajneesh-mangla.de/music

कुछ गानों की चीरफ़ाड़ करके mmf फार्मेट में कुछ रिंगटोन्ज़ बनाईं। उन्हें भी ट्राई कीजिए। हां, आपका मोबाइल इस फार्मेट को सुप्पोर्ट करता है कि नहीं, आप इस साईट पर देखिए।

Saturday, October 22, 2005

done

confession (in a church) स्वीकारोक्ति
FDI Foreign Direct Investment प्रत्यक्ष विदेशी निवेश
lift दीवाल
daily wage earners: दिहाड़ी के मजदूर
Valentines Day: प्रणय पर्व
Linguist, http://www.shabdkosh.com/ में इसका अर्थ भाषा प्रवीण और बहुभाषी है। दोनों ही ठीक नहीं हैं। अगर बोलना हो 'He is a well known linguist', तो हिन्दी में कैसे बोलेंगे? दक्षभाषी
creative सृजनात्मक, मौलिक
dance group, नृत्य समूह
extrovert बहिर्मुखी
feedback प्रतिपुष्टि,पुनर्निवेश
he is endowed with qualities. वह गुण-सम्पन्न है, वह गुणों से सम्पन्न है
he is one of india's finest artists. माहिर, कुशल
identity crisis. पहचान का संकट
image problem. यह शब्द उस स्थिति में उपयोग किया जाता है जब किसी चीज़ को प्रचार प्रासार का अभाव हो, पहचान का संकट हो। इसे हिन्दी में कैसे व्यक्त किया जा सकता है?
is it clear to you now? क्या ये अब तुम्हें स्पष्ट है?
monk सन्यासी
participation (in an event for example): हिस्सेदारी, बंटवारा, साझी होना, संविभाग???
plant (manufacturing plant) उत्पादन सयंत्र
reception (hotel reception)- स्वागत कक्ष
recording अभिलेखिन, ध्वन्यालेखन, रिकॉर्डिंग
reliability विश्वसनीयता, विश्वस्तता, विश्वास योग्यता
senior citizen वृद्ध जन
sicherheitskonferenz: अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन
spontaneous स्वाभाविक, सहज, नैसर्गिक, साहजिक, स्वतः स्फूर्त,
struggler (for example, a struggling artist)- संघर्षशील कलाकार
waiter (working in a restraunt)- बैरा
मैंने इसमें interest नहीं लिया. मैंने इसमें रुचि नहीं ली
मैंने इसे seriously नहीं लिया. मैंने इसे गम्भीरता/संजीदगी से नहीं लिया
मैंने ये विकल्प try किया है।